🌙SAHIH DEEN صحيح دين🌙
❄मुहर्रम और इमाम हुसैन की विशेषता.❄
Post 012
🇸🇦शहादत विख्यात है.🇸🇦
इमाम हुसैन (रदी'अल्लाहो त'आला अन्हु) की शहादत उनके बचपन से बहुत प्रसिद्ध थी. इनके वालिद और काफी सहाबा ए किराम को पता था की एक दिन आपको शहीद किया जाएगा और आप शहादत का सबसे ऊँचा मकाम पाओगे. हज़रात अब्बास (रदी'अल्लाहो त'आला अन्हु) की बीवी हज़रात उम्मुल फधल (रदी'अल्लाहो त'आला अन्हा) कहती है, 'एक दिन मैं रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) के पास गयी और मैंने देखा की इमाम हुसैन (रदी'अल्लाहो त'आला अन्हु) उनकी गोड़ में बैठे हुए है और रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) रू रहे थे और उनकी आँखों से लगातार आँशु बेह रहे थे. मैंने बहुत अनुरोध किया की या रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम), मेरे माँ बाप आप पर क़ुर्बान, आप मुझे बातैये की मामला क्या है.?' तोह आपने जवाब दिया, 'जिब्रील (अलैहिस्सलाम) मेरे पास आये थे और उन्होंने मुझे बताया की मेरी उम्मत मेरे इस बच्चे को शहीद कर देगी.'उम्मुल फधल ने पूछा, 'क्या वे इमाम हुसैन को शहीद कर देगी.?'रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) ने कहा,'हाँ, और जिब्रील मुझे उस ज़मीन की रेट भी देकर गए है जहा उसकी शहादत होगी.'
[मिश्कात]
हज़रत अनस (रदी'अल्लाहो त'आला अन्हु) फरमाते है थे बारिश का फरिस्ता ने अल्लाह त'आला से रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) की बारगाह में जाने कि इज़ाज़त मागते है. जब वे आये तो उन्होंने देखा की इमाम हुसैन रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) की गोड़ में बैठे हुए थे और आप उससे सीने से लगा कर चूमते थे. फरिस्ते ने पूछा, 'क्या हुसैन आपको सबसे प्यारे है? मगर आपकी उम्मत एक दिन इन्हें क़त्ल कर देगी. अगर आप चाहो तो मैं आपको वह ज़मीन दिखा सकता हू जहा इन्हें शहीद किया जाएगा.' उसके बाद वो फरिस्ता कुछ रेत लाया जिसे उम्मुल मोमिनीन उम्मे सलमा (रदी'अल्लाहो त'आला अन्हा) ने एक जगह महफूज़ रख दी. एक रिवायत में आता है की रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) ने हज़रत उम्मे सलमा (राड़ी'अल्लाहो त'आला अन्हा) को वह रेत दे दी और पेशीनगोई की, 'ओ उम्मे सलमा, जब यह रेत लहू में बदल जाए तब समझ लेना की मेरा बीटा इमाम हुसैन जल्दी शहीद होगा.' हज़रत उम्मे सलमा कहती है, 'मैंने वह रेत एक शीशी में भर ली और जिस दिन इमाम हुसैन शहीद हुए थे उस दिन वह लहू बन गयी थी.'हज़रत शाबी सिफ़्फ़ीन के जंग के दौरान फरमाते है, वे और हज़रत अली (रदी'अल्लाहो त'आला अन्हु) कर्बला की ज़मीन से गुज़रे. हज़रत अली यूफरेट्स नदी के किनारे रुक गए और 'वह जगह का नाम पूछने लगे. जैसे ही आपने 'कर्बला'शब्द सुना तो आपकी आंखों से आंसू निकलने लगे जिसकी वजह से उनका चेहरा शुर्ख हो गया. उसके बाद आपने फरमाया, 'एक बार मैं रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) के पास आया और उनकी आँखों मैं आंसू देखे. मैंने वजह पूछी तो आपने जवाब दिया, 'जिब्रील अभी तशरीफ़ लाये और मुझे बताया की हुसैन को यूफरेट्स नदी के किनारे, कर्बला नाम की जगह पर शहीद किया जाएगा. और मुझे वह रेत वाली शीशी भी बताई.'
[खुतबा ए मुहर्रम]
🌹🌹🌹
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😇Admin: 👼🏻Sufyan Dabhad +918460300402📱
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इमाम हुसैन (रदी'अल्लाहो त'आला अन्हु) की शहादत उनके बचपन से बहुत प्रसिद्ध थी. इनके वालिद और काफी सहाबा ए किराम को पता था की एक दिन आपको शहीद किया जाएगा और आप शहादत का सबसे ऊँचा मकाम पाओगे. हज़रात अब्बास (रदी'अल्लाहो त'आला अन्हु) की बीवी हज़रात उम्मुल फधल (रदी'अल्लाहो त'आला अन्हा) कहती है, 'एक दिन मैं रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) के पास गयी और मैंने देखा की इमाम हुसैन (रदी'अल्लाहो त'आला अन्हु) उनकी गोड़ में बैठे हुए है और रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) रू रहे थे और उनकी आँखों से लगातार आँशु बेह रहे थे. मैंने बहुत अनुरोध किया की या रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम), मेरे माँ बाप आप पर क़ुर्बान, आप मुझे बातैये की मामला क्या है.?' तोह आपने जवाब दिया, 'जिब्रील (अलैहिस्सलाम) मेरे पास आये थे और उन्होंने मुझे बताया की मेरी उम्मत मेरे इस बच्चे को शहीद कर देगी.'उम्मुल फधल ने पूछा, 'क्या वे इमाम हुसैन को शहीद कर देगी.?'रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) ने कहा,'हाँ, और जिब्रील मुझे उस ज़मीन की रेट भी देकर गए है जहा उसकी शहादत होगी.'
[मिश्कात]
हज़रत अनस (रदी'अल्लाहो त'आला अन्हु) फरमाते है थे बारिश का फरिस्ता ने अल्लाह त'आला से रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) की बारगाह में जाने कि इज़ाज़त मागते है. जब वे आये तो उन्होंने देखा की इमाम हुसैन रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) की गोड़ में बैठे हुए थे और आप उससे सीने से लगा कर चूमते थे. फरिस्ते ने पूछा, 'क्या हुसैन आपको सबसे प्यारे है? मगर आपकी उम्मत एक दिन इन्हें क़त्ल कर देगी. अगर आप चाहो तो मैं आपको वह ज़मीन दिखा सकता हू जहा इन्हें शहीद किया जाएगा.' उसके बाद वो फरिस्ता कुछ रेत लाया जिसे उम्मुल मोमिनीन उम्मे सलमा (रदी'अल्लाहो त'आला अन्हा) ने एक जगह महफूज़ रख दी. एक रिवायत में आता है की रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) ने हज़रत उम्मे सलमा (राड़ी'अल्लाहो त'आला अन्हा) को वह रेत दे दी और पेशीनगोई की, 'ओ उम्मे सलमा, जब यह रेत लहू में बदल जाए तब समझ लेना की मेरा बीटा इमाम हुसैन जल्दी शहीद होगा.' हज़रत उम्मे सलमा कहती है, 'मैंने वह रेत एक शीशी में भर ली और जिस दिन इमाम हुसैन शहीद हुए थे उस दिन वह लहू बन गयी थी.'हज़रत शाबी सिफ़्फ़ीन के जंग के दौरान फरमाते है, वे और हज़रत अली (रदी'अल्लाहो त'आला अन्हु) कर्बला की ज़मीन से गुज़रे. हज़रत अली यूफरेट्स नदी के किनारे रुक गए और 'वह जगह का नाम पूछने लगे. जैसे ही आपने 'कर्बला'शब्द सुना तो आपकी आंखों से आंसू निकलने लगे जिसकी वजह से उनका चेहरा शुर्ख हो गया. उसके बाद आपने फरमाया, 'एक बार मैं रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) के पास आया और उनकी आँखों मैं आंसू देखे. मैंने वजह पूछी तो आपने जवाब दिया, 'जिब्रील अभी तशरीफ़ लाये और मुझे बताया की हुसैन को यूफरेट्स नदी के किनारे, कर्बला नाम की जगह पर शहीद किया जाएगा. और मुझे वह रेत वाली शीशी भी बताई.'
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