🌙SAHIH DEEN صحيح دين🌙
तलाक़ और इद्दत
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⏳इद्दत (रुकने का वक़्त)⌛
इद्दत का मतलब होता है गणना और गिनती करना. इस्लामी कानून के मुताबिक़, इद्दत एक निकाह के ख़तम होने से लेकर दुसरे निकाह के जाइज़ होने तक की गिनती का वक़्त है. इद्दत के दौरान निकाह करना हराम है और इस वक़्त में निकाह की बात करना या तैयारी करना भी हराम है.
इद्दत सिर्फ औरतो के लिए होती है और मोर्डो के लिए नहीं क्योंकि यह करने का सही मक़सद ये पक्का करना है की औरत हामिला है या नहीं और यह उल्जन में गिरनी से की हमाल कौनसे शोहर से है. एक हामिल औरत के लिए इद्दत का वक़्त बच्चे की पैदाइश तक का है और उसकी इद्दत बच्ची के पैदाइश के साथ तुरंत ख़तम हो जायेगी. ये बेशक सिर्फ औरतो पे फ़र्क़ लाता है और मर्दो पे नहीं.
अगर आदमी निकाह में होने के दौरान एकज ऐसी औरत से निकाह करना चाहे जो उसके लिए हराम हो (औरत की बहन, भतीजी/भांजी, बुआ वगैरा) तो उसे उसकी हाल की बीवी को तलाक़ देना पड़ेगा, उसकी इद्दत ख़तम होने तक रुकना पड़ेगा और फिर वो अपना दूसरा निकाह कर सकता है. ये इसलिए क्योंकि इद्दत के दौरान ये दोनों अब भी निकाह में है और सुलह कर सकते है और इसलिए एक दूसरा निकाह करना गलत होगा क्योंकि इस करने से वो एक साथ 2 निकाह में रहेगा और ये जाइज़ नहीं है.
🌹🌹🌹
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👑Sufyan 📲+918460300402
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इद्दत का मतलब होता है गणना और गिनती करना. इस्लामी कानून के मुताबिक़, इद्दत एक निकाह के ख़तम होने से लेकर दुसरे निकाह के जाइज़ होने तक की गिनती का वक़्त है. इद्दत के दौरान निकाह करना हराम है और इस वक़्त में निकाह की बात करना या तैयारी करना भी हराम है.
इद्दत सिर्फ औरतो के लिए होती है और मोर्डो के लिए नहीं क्योंकि यह करने का सही मक़सद ये पक्का करना है की औरत हामिला है या नहीं और यह उल्जन में गिरनी से की हमाल कौनसे शोहर से है. एक हामिल औरत के लिए इद्दत का वक़्त बच्चे की पैदाइश तक का है और उसकी इद्दत बच्ची के पैदाइश के साथ तुरंत ख़तम हो जायेगी. ये बेशक सिर्फ औरतो पे फ़र्क़ लाता है और मर्दो पे नहीं.
अगर आदमी निकाह में होने के दौरान एकज ऐसी औरत से निकाह करना चाहे जो उसके लिए हराम हो (औरत की बहन, भतीजी/भांजी, बुआ वगैरा) तो उसे उसकी हाल की बीवी को तलाक़ देना पड़ेगा, उसकी इद्दत ख़तम होने तक रुकना पड़ेगा और फिर वो अपना दूसरा निकाह कर सकता है. ये इसलिए क्योंकि इद्दत के दौरान ये दोनों अब भी निकाह में है और सुलह कर सकते है और इसलिए एक दूसरा निकाह करना गलत होगा क्योंकि इस करने से वो एक साथ 2 निकाह में रहेगा और ये जाइज़ नहीं है.
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