Tuesday, December 6, 2016

Divorce and Waiting Period

🌙SAHIH DEEN صحيح دين🌙

तलाक़ और इद्दत
Post 038

🔊कसम वाले अलफ़ाज़ - 05🔊

मसला:
अगर हैज़ के वक़्त ताल्लुकात बनाये गए, भले ही ये सख्त मना है और हराम भी है, कसम टूट जायेगी और सुलह हो जायेगी.
(हिंदिया, बहार)

मसला:
अगर मर्द और औरत कसम की लंबाई के ऊपर सहमत नहीं है तो फिर मर्द का कहना जाइज़ रहेगा. फिर भी, अगर औरत को लगता है की उसका शोहर झूठ बोल रहा है तो उस औरत के लिए ये जाएज़ नहीं की वो उस शोहर के साथ रहे. उसे चाहिए के वो अपनी चीज़े लेकर अपने शोहर से अलग हो जाए. अगर शोहर कहे की उसने समय मर्यादा में ताल्लुकात बनाये है तो उसका भरोसा किया जाएगा और अगर वो कहे के ताल्लुकात समय मर्यादा के बाहर हुआ था तो फिर उसका भरोसा नहीं किया जाएगा जबतक उसकी बीवी उसकी गवाही न दे दे.
(हिंदिया, जोहरा, बहार)

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🌙SAHIH DEEN صحيح دين🌙
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